नवीन, kavita,कविता,प्रकृति और हौसलों से परिचय, कुछ न्य करने और कभी न थकने की सीख़।

प्रकृति और हौसलों से परिचय, कुछ नया करने और कभी न थकने की सीख़। 

"नवीन" 


Navin

जीवन में नई उत्साह, और नई उमंग की परिभाषा,
एक आशा और एक अभिलाषा।
 कुछ नया कर गुजरने की
प्रतिपल परिभाषा।

"नवीन" हर पल है तुम्हे सिखाता,
उठो और सोचो कि,
ये है तुम्हारे जीवन की सिर्फ दिलाशा।

न ठहरो, चलो देखो जरा शीशा,
तूम्हारी आँखो को भी है,
ख्वाबो की ही अभिलाषा।

नापो इन गहराइयों को,
इसे है तूम्हारी ही अपेक्षा।
क्योंकि तुम तो हो नवीन,

नही कर सकते इसकी उपेक्षा।
रख मुखरविन्द पर सागर सा सुकून,
नाप तिमिर रात को,
और कर शशांक को प्रस्थान।

चीर धुँधले प्रकाश को और
पकड़ सूर्य की प्रवाह किरण को।
उठो और सोचो कि,
ये मुकाम!
तुम्हारे जीवन की है शिर्फ़ दिलाशा।

"नवीन"
जीवन मे नई उत्साह और नई उमंग की परिभाषा,
एक आशा और एक अभिलाषा।

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Aparichita हरदम हरवक्त आपके साथ है। Aparichita कुछ अपने, कुछ पराए, कुछ अंजाने अज़नबी के दिल तक पहुँचने का सफर। aparichita इसमें लिखे अल्फ़ाज़ अमर रहेंगे, मैं रहूं न रहूं, उम्मीद है, दिल के बिखड़े टुकड़ो को संभालने का सफर जरूर आसान करेगी। aparichita, इसमें कुछ अपने, कुछ अपनो के जज़बात की कहानी, उम्मीद है आपके भी दिल तक जाएगी।



उम्मीद है आप सभी पाठको को ,"नवीन", kavita,कविता,प्रकृति और हौसलों से परिचय, कुछ न्य करने और कभी न थकने की सीख़, आप सबको प्रेरित और उल्लसित करे। 
धन्यवाद 🙏🙏  
                   
                                                    Shikha Bhardwaj🙏


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