सुनो! सोचो कि एक पल ऐसा हो... | प्रेम, प्रतीक्षा और आत्मीयता की एक भावपूर्ण कविता
एक पल ऐसा हो – प्रेम कविता सुनो! सोचो कि एक पल ऐसा हो... सुनो! सोचो कि एक पल ऐसा हो..." जहाँ खामोशी भी प्रेम की भाषा बन जाए... कुछ भाव ऐसे होते हैं जिन्हें शब्दों में पूरी तरह बाँध…