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क्यों न बेख़यालियों में यूँ ही घूमा करें हम | प्रेम, संवाद और नई शुरुआत की कविता

क्यों न बेख़यालियों में यूँ ही घूमा करें हम Introduction कुछ रिश्ते समय के साथ चुप हो जाते हैं, लेकिन उनका प्रेम कभी समाप्त नहीं होता। केवल संवाद की धूल जम जाती है, जिसे हटाने की आवश्यकता …

क्या भविष्य में सोशल मीडिया और इंटरनेट डी-एडिक्शन सेंटर खुलेंगे?

क्या भविष्य में सोशल मीडिया और इंटरनेट डी-एडिक्शन सेंटर खुलेंगे? डिजिटल दुनिया का अंधेरा पक्ष: क्या हमें डी-एडिक्शन सेंटर की जरूरत पड़ेगी? कल्पना कीजिए कि वर्ष 2045 है। आप एक अस्पताल या वे…

ECMS: 61,000 करोड़ के 75 प्रोजेक्ट मंजूर | क्या Make in India का सपना होगा साकार?

Electronics Component Manufacturing Scheme (ECMS) में 61,000 करोड़ रुपये के 75 प्रोजेक्ट मंजूर — क्या भारत सच में 'मेक इन इंडिया' का सपना पूरा कर पाएगा? "61,000 करोड़ का निवे…

मेरे घूँघट को भी गुमां हुआ है।

मेरे घूँघट का भी अपना ही गुमां है: एक स्त्री के आत्मसम्मान, संवेदनाओं और मौन शक्ति की कहानी मेरे घूँघट का भी अपना ही गुमां है कुछ प्रतीक समय के साथ केवल परंपराएँ नहीं रह जाते, वे अनुभव बन …

Students ke Liye Best Part-Time Jobs: Padhai Ke Sath Kamai Kaise Karein?

पढ़ाई के साथ कमाई भी ज़रूरी है: छात्रों के लिए सबसे अच्छा Part-Time काम कौन सा है? "पढ़ाई भी, कमाई भी! छात्रों के लिए सबसे बेहतरीन Part-Time Jobs" आज के समय में केवल डिग्री हासिल…

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