दिल फिर ईश्क के फ़िराक में है।
दिल फिर ईश्क के फ़िराक में है। Dil fir ishk ke firak me hai. दिल फिर ईश्क के फ़िराक में है। Ise bhi padhe:-- Dil fir ishk ke firak me hai(you tube video) दिल है कि फिर ईश्क की फ़िराक में है,…
दिल फिर ईश्क के फ़िराक में है। Dil fir ishk ke firak me hai. दिल फिर ईश्क के फ़िराक में है। Ise bhi padhe:-- Dil fir ishk ke firak me hai(you tube video) दिल है कि फिर ईश्क की फ़िराक में है,…
शायर_shayar Shayar_शायर इसे भी देखें:-- तुम्हे शायर बनना है! (you tube video) तुम्हें शायर बनना है ? तो पहले ईश्क की दरिया में.... डुबकी लगाओ। और फिर बस डूब जाओ.... तुम्हारे पास दिमाग है, …
खामोशी पर लिखी उम्दा शायरी संग्रह-khamoshi pr likhi umda shayri sangrah खामोशी-khamoshi 1* ख़ामोशी इसे भी देखें:-– खामोशी_khamoshi(you tube video) जुबा खामोश, धड़कनों में हलचल सी है। ये किसकी…
"इक छोटी सी बात पर"-ik choti si baat par Ise bhi dekhe:-- Ik choti si bat pr-इक छोटी सी बात पर (Video) "इक छोटी सी बात पर" "इक छोटी सी बात पर" इक छोटी सी बात …
मैं हूँ, न होने के लिए। Mai hoon, n hone ke lie. मैं हूँ, न होने के लिए-Mai hoon, n hone ke lie. मैं हूँ, एक दिन न होने के लिए। मेरा जिश्म, मेरा वज़ूद है..... बस ख़तम होने के लिए। कुछ अल्फ़ाज़…
क्यूँ रोज़ाना चाँद मेरी खिड़की पर चला आता... क्यूँ रोज़ाना चाँद मेरी खिड़की पर चला आता... क्यूँ रोज़ाना चाँद मेरी खिड़की पर चला आता... न जाने क्यूँ........? रोज़ाना चाँद मेरी खिड़की पर चला आता है…
लाज़मी है कि ख़्वाबों का स्वेटर बुना जाए लाज़मी है कि ख़्वाबों का स्वेटर बुना जाए लाज़मी ये भी है..कि फिर मौसम बदल जाए लाज़मी है कि ख़्वाबों का स्वेटर बुना जाए लाज़मी ये भी है..कि फिर मौसम बदल …
मैंने ईश्क़ ही उल्फ़त से कर ली है। मैंने ईश्क़ ही उल्फ़त से कर ली है, quotes,शायरी मैंने ईश्क़ ही उल्फ़त से कर ली है। जहन में कोई इस कदर घर कर गया... कि मेरी ईश्क़ को ही उल्फतो का सहर कर गया। अब…
तमाशो के बाज़ार में... जज़बात ढूंढ़ने चले_tamaasho ke bazaar me...Jajbaat dhundhne chale. तमाशो के बाज़ार में... जज़बात ढूंढ़ने चले तमाशो के बाज़ार में... जज़बात ढूंढ़ने चले तमाशो के बाज़ार में.…
यूँ क्यूँ तुम ओष की तरह हुए परे हो.... हर पत्ते, हर पंखुरी पर बिखड़े परे हो यूँ क्यूँ तुम ओष की तरह हुए परे हो.... हर पत्ते, हर पंखुरी पर बिखड़े परे हो यूँ क्यूँ तुम ओष की तरह हुए परे हो....…
ये जो तू अश्क बन, आँखों से ढलका है अभी_ye jo tu ashk ban, aankho se dhlka hai abhi ये जो तू अश्क बन, आँखों से ढलका है अभी_ye jo tu ashk ban, aankho se dhlka hai abhi ये जो तू अश्क बन, आँखो…
ख़ामोशी जो कहती है, जुबा कहाँ बोल पाती है_khamoshi jo kahti hai, jubaan kahaan bol pati hai! Video:- Khamoshi jo kahti hai.....jubaa kahaan bol pati hai..... ख़ामोशी जो कहती है, जुबा कहाँ बोल…
ये विरानियाँ मुझे भाने लगी है... अब हर्फे इन वीरानियों का नुकसान हरगिज नही। विरानियाँ ये विरानियाँ मुझे भाने लगी है... कोई शोर नही, कोई सवाल नही। ना ही इल्जामों की फेहरिस्त लम्बी है…
हवाओं संग तुम्हारी यादों की आहटें। परिचय:- एक अनुभूति,कोई अपना सा, जो यादों के पिटारे से निकल कर हवाओं में घुल गया है, और कानों में सरगोशी करते हुए दिल की धड़कनों को बढ़ा रहा, उम्मीद है, आप स…
उम्र की ये किताब, शाम की तरह ढल गई। ज़िन्दगी आख़िर में सबको बुढ़ापा और शरीर से थोड़ा बहुत लाचार करती ही है।उम्र के इस पड़ाव में अपनों के साथ से मानसिक सपोर्ट मिलता है, इसका ध्यान रखे। उम्र की…
पलक के पर्दे गिरते ही वक़्त में, जिंदगी की तमाम उम्र कैद हो गई। पलक के पर्दे गिरते ही वक़्त में, जिंदगी की तमाम उम्र कैद हो गई। पलक के पर्दे गिरते ही वक़्त में, जिंदगी की तमाम उम्र कैद हो गई।…