Emotional Poetry

सफ़र में ही ज़िंदगी की शाम हो तो बेहतर है | Aparichita

सफ़र में ही ज़िंदगी की शाम हो तो बेहतर है | एक अधूरे मन की कविता 📖 Reading Time: 3 minutes "कुछ सफ़र मंज़िल तक पहुँचने के लिए नहीं, बल्कि खुद को समझने के लिए होते हैं।" Introduct…

रिवाजो के नाम पर, जिन्दों को दफनाते देखा है।

कुछ रिवाज़ शरीर को नहीं, आत्मा को कैद कर देते हैं। रिवाजो  के नाम पर, जिन्दों को दफनाते देखा है। Blog Introduction कभी-कभी किसी व्यक्ति की मृत्यु केवल एक जीवन नहीं छीनती, बल्कि उसके साथ कि…

रात के सन्नाटों से शुरू हुई गुफ़्तगू | यादों की बारात और बीते लम्हों की कहानी.(Featured Poem)

रात के सन्नाटों से शुरू हुई गुफ़्तगू | यादों की बारात और बीते लम्हों की कहानी रात के सन्नाटों से शुरू हुई गुफ़्तगू... कुछ रातें केवल सोने के लिए नहीं होतीं। कुछ रातें हमारे भीतर छिपी उन आव…

मेरी किस्मत की स्याही के रंग

मेरी किस्मत की स्याही के रंग जब जिंदगी धुँधली लगने लगे | Emotional Hindi Poem जब जिंदगी का कागज़ भी उसी रंग में डूब जाए… कुछ दर्द ऐसे होते हैं जिन्हें शब्दों में बाँधना आसान नहीं होता। व…

ज़िन्दगी की किताब: रिश्ता, तेरे और मेरे मन का | हिंदी कविता

कुछ रिश्ते अधूरे होकर भी पूरी ज़िन्दगी में लिखे रहते हैं। ज़िन्दगी की किताब: रिश्ता, तेरे और मेरे मन का | हिंदी कविता कुछ रिश्ते अधूरे होकर भी पूरी ज़िन्दगी में लिखे रहते हैं… कभी-कभी ज़िन्…

आ ज़िंदगी, मैं बस कर लूँ तुमसे मुलाक़ात | हिंदी कविता

आ ज़िंदगी, मैं बस कर लूँ तुमसे मुलाक़ात — एक भावुक हिंदी कविता कभी-कभी दूसरों को खुश रखते-रखते हम खुद से ही दूर हो जाते हैं। फिर एक रात ऐसी आती है, जब हम दुनिया के शोर से दूर बैठकर अपनी ज़ि…

माना तुम नही हो,

तुम्हारे एहसास  तुम्हारे एहसास, quotes, शायरी, कविता,एहसास।    तुम्हारे एहसास माना तुम नही हो, तुम्हारे एहसासों की बारिश क्या कम है। हर कण, हर एहसास, हर विश्वास में तुम हो। कभी जब चाय बन…

ये जो ठोकर लगी… | हौसलों, संघर्ष और नई उड़ान की कविता

ठोकर और संघर्ष के बाद फिर उठने के हौसले पर लिखी भावपूर्ण हिंदी कविता—“ये जो ठोकर लगी…” ये जो ठोकर लगी… | हौसलों, संघर्ष और नई उड़ान की कविता कुछ ठोकरें हमें गिराने के लिए नहीं, बल्कि यह बता…

आँखों के बरामदे बैठी रात | एक रात, तन्हाई और अधूरी बातों की कविता

कुछ रातें नींद नहीं लातीं… वे हमारे पास बैठकर हमारी खामोशी सुनती हैं। आँखों के बरामदे बैठी रात | एक रात, तन्हाई और अधूरी बातों की कविता 🌙 आँखों के बरामदे बैठी रात कुछ रातें सिर्फ रात नहीं…

शून्य अंतर्मन: भीड़ में अकेला इंसान और बदलते रिश्तों की सच्चाई.

खालीपन, द्वंद्व और सवाल को शब्द देने की एक कोशिश — “शून्य अंतर्मन" शून्य अंतर्मन: क्या भीड़ में रहते हुए भी हम अकेले हो गए हैं? आज हमारे पास पहले से कहीं अधिक सुविधाएँ हैं। हाथ में स्…

तुम क्या थे जिंदगी में, कि वहम बहुत था।

तुम क्या थे! जिंदगी में कि वहम बहुत था।   तुम क्या थे! जिंदगी में कि वहम बहुत था।    तुम क्या थे जिंदगी में, कि वहम बहुत था। हर एक चेहरे में वफ़ा का नूर बहुत था। आईना तो तब दिखा है, जब साथ त…

ये इश्क़ की गलियाँ: बदलते शहर में बचपन की धुंधली यादें

कुछ गलियाँ बदल जाती हैं, लेकिन उनसे जुड़ी यादें कभी नहीं बदलतीं। ये इश्क़ की गलियाँ: बदलते शहर में बचपन की धुंधली यादें कभी-कभी हम किसी अनजान रास्ते से गुजरते हैं और अचानक लगता है— अरे, यह …

हमारा कल: धूल भरी यादों में मिला एक खूबसूरत सपना | हिंदी कविता

पुराने ख़्वाबों और धूल भरी यादों के बीच “हमारा कल” को फिर से खोजने की भावपूर्ण कहानी और हिंदी कविता। हमारा कल: धूल भरी यादों में मिला एक खूबसूरत सपना कुछ चीज़ें हम खोते नहीं हैं... बस उन्हे…

शाम की आग़ोश में: तन्हाई, दर्द और भीतर छुपी खुशियों की कविता

शाम की आग़ोश में: तन्हाई, दर्द और भीतर छुपी खुशियों की कविता शाम होते ही वातावरण में एक अजीब-सी ख़ामोशी उतर आती है। दिनभर की भागदौड़ थमने लगती है, आसमान धीरे-धीरे अँधेरे की चादर ओढ़ने लगता …

तुम्हारे पहलू में — अधूरे लम्हों और अनकहे एहसासों की एक खूबसूरत कविता

“ ज़ुस्तज़ू तो बस इतनी-सी थी… ख़यालों में ही सही, तुम्हारे पहलू में कुछ वक़्त हम भी बिताते।” तुम्हारे पहलू में — अधूरे लम्हों और अनकहे एहसासों की एक खूबसूरत कविता ज़ुस्तज़ू तो बस इतनी-सी थी…

किस नशे में चूर थी मैं? | अहंकार, सपनों और जिंदगी की हकीकत पर एक भावपूर्ण कविता

“आसमान का टुकड़ा नहीं, पूरा आसमान चाहती थी मैं…” किस नशे में चूर थी मैं? | अहंकार, सपनों और जिंदगी की हकीकत पर एक भावपूर्ण कविता किस नशे में चूर थी मैं? — एक आत्ममंथन भरी कविता भूमिका कभ…

रूठी-रूठी सी कहानी हमारी: एक टूटे तारे से मुलाकात

टूटना अंत नहीं होता, क्योंकि उम्मीद की टिमटिमाहट अभी बाकी है। ✨⭐ रूठी-रूठी सी कहानी हमारी: एक टूटे तारे से मुलाकात लेखिका: Shikha Bhardwaj

समंदर की अनकही कहानी | एक भावपूर्ण हिंदी कविता

समंदर की एक अनकही कहानी हर पूर्णिमा जिसे याद दिला जाती है... समंदर की एक अनकही कहानी जाने कैसी कहानी है इस समंदर की भी... कभी अपनी रवानी से हर दिल को दीवाना बनाता है, उछलती-कूदती लहरों के स…

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