romantic poetry

सुनो! सोचो कि एक पल ऐसा हो... | प्रेम, प्रतीक्षा और आत्मीयता की एक भावपूर्ण कविता

एक पल ऐसा हो – प्रेम कविता सुनो! सोचो कि एक पल ऐसा हो... सुनो! सोचो कि एक पल ऐसा हो..." जहाँ खामोशी भी प्रेम की भाषा बन जाए... कुछ भाव ऐसे होते हैं जिन्हें शब्दों में पूरी तरह बाँध…

Kyonki meri kahani tum se tak//क्योंकि मेरी कहानी तुम से तुम तक।

क्योंकि मेरी कहानी तुम से तुम तक। Kyonki meri kahani tum se tak.   कविता परिचय: कुछ खूबियां: इमेजरी और भावनात्मक गहराई — "नर्म धूप की चादर", "गिरते गुलमोहर के फूल" जैसी …

जाती हुई दिसम्बर..... और आती हुई जनवरी की धुँध संग...

जाती हुई दिसम्बर.....  और आती हुई जनवरी की धुँध संग... जाती हुई दिसम्बर.....  और आती हुई जनवरी की धुँध संग... Ise bhi dekhen:--- Jaati hui december aur aati hui january ki dhundh me जाती हु…

शायर_shayar

शायर_shayar Shayar_शायर इसे भी देखें:-- तुम्हे शायर बनना है! (you tube video) तुम्हें शायर बनना है ? तो पहले ईश्क की दरिया में.... डुबकी लगाओ। और फिर बस डूब जाओ.... तुम्हारे पास दिमाग है, …

सुनो ! इससे पहले कि यादे दिसम्बर के कोहरे में धुंधली होने लगें....

सुनो ! इससे पहले कि यादे दिसम्बर के कोहरे में धुंधली होने लगें.... सुनो ! इससे पहले कि यादे,  दिसम्बर के कोहरे में धुंधली होने लगें.... सुनो ! इससे पहले कि यादे......  दिसम्बर के कोहरे मे…

तुम्हारे पहलू में — अधूरे लम्हों और अनकहे एहसासों की एक खूबसूरत कविता

“ ज़ुस्तज़ू तो बस इतनी-सी थी… ख़यालों में ही सही, तुम्हारे पहलू में कुछ वक़्त हम भी बिताते।” तुम्हारे पहलू में — अधूरे लम्हों और अनकहे एहसासों की एक खूबसूरत कविता ज़ुस्तज़ू तो बस इतनी-सी थी…

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