हर पतझड़ के बाद | Har Patjhar ke Baad
Aparichita Thoughts • Stories • Inner Reflections जहाँ शब्द आत्मा से मिलते हैं हर पतझड़ के बाद हर अँधेरे के पीछे छिपा होता है एक नया सवेरा कभी-कभी जीवन ऐसा लगता है मानो दुःख …
Aparichita Thoughts • Stories • Inner Reflections जहाँ शब्द आत्मा से मिलते हैं हर पतझड़ के बाद हर अँधेरे के पीछे छिपा होता है एक नया सवेरा कभी-कभी जीवन ऐसा लगता है मानो दुःख …
किससे कहूं? किससे कहूं, क्या कहूं, कैसे कहूं?|| kisase kahun kya kahun kaise kahun किससे कहूं? चीखती-चिल्लाती रातों की बातें, कान चीरती ख़ामोशी की बातें, सिसकती-सुलगती, जागती आँखों की बाते…
देख जिंदगी! हर सुबह, स्वर्णिम क्षण है लाती। देख जिंदगी! हर सुबह, स्वर्णिम क्षण है लाती। कविता परिचय :-- जिंदगी में बहुत सारी तकलीफों , मुसीबतो और मायूसियों का सामना करना…
ऐ दिल मेरे ! तू किस नशे में है ?-Aei-dil-mere-tu-kis-nashe-me-hai ऐ दिल मेरे ! तू किस नशे में है ?-Aei-dil-mere-tu-kis-nashe-me-hai ऐ दिल मेरे ! तू किस नशे में है ? किसका ईंतजार है तुझे, कि…
बिटिया मेरी खास हो तुम, Bitiya meri khas ho tum. बिटिया मेरी खास हो तुम बिटिया मेरी खास हो तुम बिटिया मेरी खास हो तुम बिटिया मेरी खास हो तुम धड़कते दिलों की एहसास हो तुम क्या कहूं कि …
" गाँव " उमंगो और खुशियों का डेरा। " गाँव " उमंगो और खुशियों का डेरा। " गाँव " उमंगो और खुशियों का डेरा। जहाँ होता , संस्कृति और संस्कारो का सवेरा। हर दिश…
देवों के देव, आदिदेव के सूत गजानन 🍃💐 देवों के देव, आदिदेव के सूत गजानन 🍃💐 देवों के देव, आदिदेव के सूत गजानन 🍃💐 💐🍃आदि शक्ति माता, और तुम जग के विधाता।🔱 प्रथम पूज्य तुम गौरी प्रिय,?…
Jindagi_ज़िन्दगी "Jindagi" जैसा सोचते हैं वेसी तो नही होती.... हाँ कदम-कदम पर नए ठोकड़ो से नए तज़ुर्बों से मिलाती रहती है। हम पूरे " ज़िन्दगी" का हिसाब कर बैठते हैं, लेकिन …
Khwab,ख़्वाब Khwab,ख़्वाब ख़्वाब है कि... उन्ही बीते लम्हों की दहलीज़ पर खड़ा है... उम्र है कि.... वक़्त से रेस लगा रहा है। तुम मिलोगे मुझे यूँ ही कहीं, सुबह के ख्वाब की तरह..... दिल है कि खुद…
Ishk ki dayri,ईश्क़ की डायरी Ishk ki dayri,ईश्क़ की डायरी Ishk ki dayri,ईश्क़ की डायरी आज कुछ यूँ हुआ, कि मेरे ईश्क़ की डायरी का पन्ना खुला रह गया। फूल तो थे नही, हाँ कुछ पत्ते पुराने थे। …
कैसा ये ईश्क़ था , तुम्हारा ? कभी शुकूँ के पल तो दे न पाया बस बर्बादियों का फसाना लिखता आया। दिमाग़ ने तो तकरीर कई बार लगाया पर दिल पर बस, तुम्हारा ही चलता आया। जहाँ विश्वास की ऐसी लत लगी थी …
आज फिर मौसमो की अंगराई ने बरसातों की झड़ी लगाई है, बारिशों की बूंदे याद तेरी संग ले आई है। कैसे यकीं दिलाऊँ ख़ुद को, कि तू बस अब यादो की परछाईं है। लाख कोशिशें कर लूं , ख़ुशी के गीत गाने की।…
तुम्हारी यादो का टुकड़ा 💐 संग साथ लिए, चल तो दी हूँ मैं, जिंदगी के महासागर में गोते लगाने। माना तुम्हारा साथ नही, तुम्हारी यादो का जहाँ तो रहेगा ! समय - समय पर जो राह दे, वो आशीर्वादों का …
माना कि समय कठिन है, चहुं ओर विपदा प्रवल है। बस बचे रहना ही आख़िरी विकल्प है। फिर भी धर्य सबल है, यही तो हमारा आत्मबल है। जो हर तूफान के लिए सजग है। हाँ, माना कि कुछ प्राण विकल है। कुछ छूट …