माना कि समय कठिन है।


 माना कि समय कठिन है,

चहुं ओर विपदा प्रवल है।

बस बचे रहना ही आख़िरी विकल्प है।

फिर भी धर्य सबल है,

यही तो हमारा आत्मबल है।

जो हर तूफान के लिए सजग है।

हाँ, माना कि कुछ प्राण विकल है।

कुछ छूट गए, कुछ के तार अबल है।

उन तारो को बनाना अटल है।

जयों ही हम बस हो जाए एकल है,

फिर कहो कौन विपदा अचल है।

कभी धर्य, कभी साहस और निष्ठा,

यही हमारा अभी मूल बल है।

इस शक्ति को, इस साहस को ,

करना बस दृढ़ और प्रबल है।

गर नही कुछ कर पाए तो ,

घर में ही रहकर, खुद की रक्षा भी

सहयोग सबल है।

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Shikha Bhardwaj

Hi, I'm Shikha. I help English learners improve vocabulary, grammar, speaking confidence, and communication skills through practical lessons and real-life examples.

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