इस दौर-ए-जहाँ में, जहां देखो परिचित भीड़ बहुत है।
इस दौर-ए-जहाँ में, जहां देखो परिचित भीड़ बहुत है। Is-daur-a-jahan-me-jahaan-dekho-parichit-bhid-bahut-hai. इस दौर-ए-जहाँ में, जहां देखो परिचित भीड़ बहुत है। इस दौर-ए-जहाँ में, जहां देखो प…
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हम अपने ही घर मे, अपनी पहचान ढूंढ़ते हैं। हम अपने ही घर मे, अपनी पहचान ढूंढ़ते हैं। इसे भी देखें:-- हम अपने ही घर में..अपनी पहचान ढूंढते हैं.(you tube video) अपनी पहचान ढूंढ़ते हैं। इस जमी …
अश्क़ और हम-ashk aur ham अश्क़ और हम-ashk aur ham "अश्क़ " के कुछ अलग ही नाज़ है... गम में तो आती है... ख़ुशी में भी कहाँ बाज़ आती है! बेवज़ह.. बिन बुलाए... बस आंखों से रिसती रहती है। I…
जाने क्या खता थी हमारी !-jaane kya khata thi hamari! Ise bhi dekho:-- Jane kya khata thi hmari(video) जाने क्या खता थी हमारी !-jaane kya khata thi hamari! जाने क्या खता थी हमारी ! ये तो पत…
मैं हूँ, न होने के लिए। Mai hoon, n hone ke lie. मैं हूँ, न होने के लिए-Mai hoon, n hone ke lie. मैं हूँ, एक दिन न होने के लिए। मेरा जिश्म, मेरा वज़ूद है..... बस ख़तम होने के लिए। कुछ अल्फ़ाज़…
गुलाबी रंग प्रसन्नता का सूचक । मेरे मन का भी कोमल टुकड़ा, कहीं अटक गया था, आज भी वही थम सा गया है। मेरे मन का भी कोमल टुकड़ा, "Romantic shayri" जब बात चली है रंगों की तो आज बात ह…
ख़ामोशी जो कहती है, जुबा कहाँ बोल पाती है_khamoshi jo kahti hai, jubaan kahaan bol pati hai! Video:- Khamoshi jo kahti hai.....jubaa kahaan bol pati hai..... ख़ामोशी जो कहती है, जुबा कहाँ बोल…
पलक के पर्दे गिरते ही वक़्त में, जिंदगी की तमाम उम्र कैद हो गई। पलक के पर्दे गिरते ही वक़्त में, जिंदगी की तमाम उम्र कैद हो गई। पलक के पर्दे गिरते ही वक़्त में, जिंदगी की तमाम उम्र कैद हो गई।…
"जिंदगी" कभी आओ न! पर आहट के बिना। "जिंदगी" कभी आओ न! पर आहट के बिना। "जिंदगी" कभी आओ न! पर आहट के बिना। अनायास ही सामने खरे हो जाओ इक्तला किये बिना। …
वक्त से कुछ लम्हे निकालकर, आज एक मुलाकात खुद से। वक्त से कुछ लम्हे निकालकर, आज एक मुलाकात खुद से। वक्त से कुछ लम्हे निकालकर, आज एक मुलाकात खुद से। एक सवाल ख़ुद से, ज़िन्दगी से। क्या खोया ? …
इश्के दौर से गुज़र रहे हो...! तुम तो आसमां के परिंदे से उड़ रहे हो। इश्के दौर से गुज़र रहे हो...! तुम तो आसमां के परिंदे से उड़ रहे हो। इश्के दौर से गुज़र रहे हो...! तुम तो आसमां के परिंदे से उड़…
Khamoshi_ख़ामोशी Khamoshi_ख़ामोशी Khamoshi_ख़ामोशी Khamoshi_ख़ामोशी आंखों में हसरते दिदार की लिए, पल ये गुजरता है कैसे...? कैसे बताएं... तुम्हे अब ... कि तुम बिन वक्त गुजरता है कैसे? जुबा चु…
कोड़ा कागज़-कोड़ा मन_koda kagaz-koda man कोड़ा कागज़-कोड़ा मन_koda kagaz-koda man ज़िन्दगी के कागज़ तो कोड़े ही थे, वक्त ने न जाने कैसा संविधान लिखा। चाहत उसकी, उसूल भी उसके, नफ़े-नुकसान के सारे हिस…
जज्बातों के तूफान को दिल मे ही समेटना होगा। जज्बातों के तूफान को दिल मे ही समेटना होगा। जज्बातों के तूफान को दिल मे ही समेटना होगा। गर जो रीसा, कोई मददगार तो न होगा, हालते बदस्तूर ख़ुद ही कर…
Saaye Mein Dhoop "साये में धूप" by Dushyant kumar in Hindi with Meaning of poem in the book साये में धूप by dushyant Kumar ji दुष्यंत कुमार की गजल "साये में धूप" की खू…