हिन्दी महाकाव्य

रश्मिरथी - Rashmirathi-प्रथम सर्ग

रश्मिरथी - Rashmirathi रश्मिरथी - Rashmirathi- प्रथम सर्ग प्रथम सर्ग 'जय हो', जग में जले जहाँ भी, नमन पुनीत अनल को,  जिस नर में भी बसे, हमारा नमन तेज को, बल को।  किसी वृन्त पर खिले …

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