भजन

प्रीत की रीत बड़ी निराली।

प्रीत की रीत बड़ी निराली। प्रीत की रीत नही ताज़महल की। वो तो बस कब्र है, क्रूरता की कारधानी। प्रीत...प्रीत बसा है, वृंदावन में। जिसकी हर गली,  हर कूचे कहती अजब कहानी। जहां एक राधा दीवानी,  …

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