जज्बातों के तूफान को दिल में ही समेटना होगा।

जज्बातों के तूफान को दिल मे ही समेटना होगा।


जज्बातों के तूफान को दिल मे ही समेटना होगा।


जज्बातों के तूफान को दिल मे ही समेटना होगा।
गर जो रीसा, कोई मददगार तो न होगा,
हालते बदस्तूर ख़ुद ही करनी होगी।
सलाहें फेहरिस्त भले ही लम्बी होगी,
पर जरूरते वक्त, वो तुमको मुंतशिर कर देगा।
जज्बातों के तूफ़ान को दिल मे ही समेटना होगा।

हर लम्हा मनन करना होगा, जहाँ ठोकरे खाई,
वो रास्ते ही बदलोगे या उन ठोकरों को हटाना होगा।
दिमाग़ में हरदम भूचाल मचेगा,
दिल के भी कमरे अस्त-व्यस्त होंगे।
उन कमरों से गार्बेज तुम्हे ही चुनना होगा।
जज्बातों के तूफान को दिल मे ही समेटना होगा।

ज़िन्दगी के पन्ने, मौसमों की तरह बदलेंगे,
हर मौसम के मिज़ाज़ अलग होंगे।
कभी ग्रीष्म तपाएगी, तो शीत ठिठुराएँगी
हर लहर, हर तपिश का सामना तुम्ही करोगे
फिर जो होगा , वो तुम्हारा होगा।
परिपूर्ण, स्वप्नों सा जहाँ, तुम्हारा ही होगा।
जज्बातों के तूफान को दिल मे ही समेटना होगा।


जज्बातों के तूफान को दिल मे ही समेटना होगा।
Jazbaaton-ke-tufaan-ko-dil-me-sametna-hoga

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                           ✍️Shikha Bhardwaj🥀


Shikha Bhardwaj

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