बातों बातों में जब बात बनती है,
बात कुछ भी हो, बाते तुमसे शरू होती है।
कहानियां होती है, किस्से होते हैं,
अल्फाज तुम्हारे सामिल होते हैं।
और बाते तुमसे सुरु और तुम तक खत्म होती है।
ये दिल भी मेरा धरकता तो है,
पर ताने देते हुए, कि वो न होता !
तब भी क्या तुम्हारा, वजूद होता।
मेरी धड़कने भी बाते तुम्हारी ही करती है।
आज फिर कुछ हुआ तो है!
जो मेरी लब्ज खुशी का साथ दे रही है,
सायद बाते तुम्हारी सुरु हुई थी।
मेरी खुशी की बाते सुनकर,
जानती हूँ, कइयों को दुखी करने वाली है,
पर यहां बात तुम्हारी है,और मुझे पता है 💐
मेरी खुशी तुम्हे भी ख़ुश करने वाली है।
तो बाते क्यूँ न सिर्फ हम हमारी करे।
खुशी की, प्यार की, तुम्हारे साथ की।
💐💐💐💐💐💐💐💐
