'केदार', इस शब्द के मायने अनेक।
जैसा नाम ,वैसी हरकतें नेक।
कभी पृथ्वी से विशाल हृदय बन जाते,
कभी शिव जैसे, जीवन के विष पी जाते।
तेरा एक नाम , संगीत का भी है राग,
जिससे जीवन मे छेड़ते नई अनुराग।
पुराने धुनों पर मदमस्त सूर लगाते,
तो कभी हीरे की चमक में खो जाते।
खुशबुओं से है तुम्हारे पुराने नाते,
तो खूबसूरती को भी कहाँ पीछे छोड़ पाते।
हर दिन हर पल रहते तत्पर ।
कभी पहाड़ो की ऊंचाई नापते,
कभी शीप से मोती चुन लाते।
नाम बड़ा जैसा है तेरा,
काम भी तो तुम करते वैसा।
डटे रहते संघर्षों में भी,
चाहे हो कैसी भी आँधी।
जीवन के हर क्षण से प्रेरणा बांधी,
कभी ख़ुद मुसकाकर, कभी दुसरो को हँसाकर
पार करते रहे जीवन की आँधी।
आख़िर में बस यही प्रार्थना प्रभु से मांगी,
बढ़ते रहो हरदम आगे सबसे।
केदार हो तुम,
तुम्हारे जीवन के मायने अनेक।
🌷🌷🌷🌷🌷