जब दूर अंबर से कुछ किरणे प्रस्फुटित होती है।

जब दूर अंबर से कुछ किरणे प्रस्फुटित होती है।





 

जब दूर अम्बर से कुछ किरणे प्रस्फुटित होती है,
तो क्या पूछो कि कैसे धरा की बगिया,
किरणों से आलम्बन को आतुर होती है।
कलियां फूल बन मुस्काती हैं,
जब प्रभा रेशमी मुस्कानों से उसको सहलाती है।


जब दूर अम्बर से कुछ किरणें प्रस्फुटित होती है,
तो क्या पूछो कि कैसे मुर्गो की बांग और कोयलो की तान,
जग को नया सवेरा का संदेश देती है
और अपनी चहचहाहट से सुरमई संगीत घोलती है।

जब दूर अम्बर से कुछ किरणें प्रस्फुटित होती है,
तो क्या पूछो कि कैसे चिड़ियाँ चूज़ों को
अपने स्नेहिल भावों से पुचकारती है
और जिंदगी जीने का मर्म बतलाती है।
मर्म जिंदगी के रहस्य का तो, क्षद्म वेषधारी संसार का।

जब दूर अम्बर से कुछ किरणें प्रस्फुटित होती है,
तो क्या पूछो की कैसे मन बगिया में, 
नई उमंगे हिलकोरे लेती हैं।
नई स्फूर्ति, नई उमंगो का संचार,
कुछ नया कर गुजरने का दृढ़ संकल्प लेती है।

जब दूर अम्बर से कुछ किरणें प्रस्फुटित होती है,
तो क्या पूछो कि कैसे  बच्चों की टोली,
मुहल्ले की चबूतरों को एक नया आयाम देती है।
कोई राजा, कोई मंत्री कोई सिपाही बन,
एक नया खेल रचाती है।
तो कभी गुड्डो-गुड़ियों का ब्याह कर,
एक नई पट-कथा लिख देते हैं।

जब दूर अम्बर से कुछ किरणें प्रस्फुटित होती है।


Aparichita हरदम हरवक्त आपके साथ है। Aparichita कुछ अपने, कुछ पराए, कुछ अंजाने अज़नबी के दिल तक पहुँचने का सफर। aparichita इसमें लिखे अल्फ़ाज़ अमर रहेंगे, मैं रहूं न रहूं, उम्मीद है, दिल के बिखड़े टुकड़ो को संभालने का सफर जरूर आसान करेगी। aparichita, इसमें कुछ अपने, कुछ अपनो के जज़बात की कहानी, उम्मीद है आपके भी दिल तक जाएगी।

अपरिचिता से परिचय के सफ़र में मैं आपकी दोस्त, हर रोज कुछ अच्छा लिखने और सीखने की कोशिश में रहती हूँ, उम्मीद है आप सबको पसंद आएगी। आपके विचार और सुझाव की अपेक्षा में आपकी दोस्त।

                                               ✍️ Shikha Bhardwaj ❣️

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