Homequotes तमाशा_tamasha byShikha Bhardwaj -August 11, 2021 0 तमाशा,tamashaतमाशा,tamashaतमाशाख़ुशी उसकी परवाज़ो पर थी, झूठे ईश्क़ की डोर जो उसके हाथ थी।तमाशों का शौख था उसे, तमाशाई कर गया,जब बात निभाने की आई। क्या हुआ? जो वो डोरएक दिल से बंधा था। ✍️Upeksha❣️ Tags quotes कविता शायरी Facebook Twitter