हमसफ़र, Hamsafar, quotes शायरी
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हमसफ़र, Hamsafar, quotes शायरी
ओय अकड़ू!
तेरी बहुत याद आती है।
तू बोल, बता जरा,
कैसे करूँ ईबादत?
कि हो कोई इनायत।
कि आधी-अधूरी ज़िन्दगी
का तू मेरा हमसफ़र,
बनके मिले तू ही,
मेरा मुक़म्मल हमसफ़र।
✍️Shikha Bhardwaj❣️
