शायरीQuotes

गम-Gam,अपरिचिता_Aparichita

गम-Gam Gam-गम गम-Gam चाहे, जो बाँट लो जहां में, भूले से भी गम न बांटना मुमकिन है कि हमदर्दी मिल जाए, हमदर्द न मिलेगा। तुम्हारे किस्से उधरेंगे जरूर, पर दर्द सील जाए, वो धागा न मिलेगा। …

सावन की पहली सुबह।

सावन की पहली सुबह। सावन की पहली सुबह। #सावन_savan #Aparichita सावन के साथ भीगे हुए मन को कभी परवाज़ दीजिए , कभी ख़यालो के अंजुमन में यूँ ही घूमिए।  सावन की पहली सुबह। सावन की पहली सुबह। #सावन…

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