गम-Gam,अपरिचिता_Aparichita
गम-Gam Gam-गम गम-Gam चाहे, जो बाँट लो जहां में, भूले से भी गम न बांटना मुमकिन है कि हमदर्दी मिल जाए, हमदर्द न मिलेगा। तुम्हारे किस्से उधरेंगे जरूर, पर दर्द सील जाए, वो धागा न मिलेगा। …
गम-Gam Gam-गम गम-Gam चाहे, जो बाँट लो जहां में, भूले से भी गम न बांटना मुमकिन है कि हमदर्दी मिल जाए, हमदर्द न मिलेगा। तुम्हारे किस्से उधरेंगे जरूर, पर दर्द सील जाए, वो धागा न मिलेगा। …
सावन की पहली सुबह। सावन की पहली सुबह। #सावन_savan #Aparichita सावन के साथ भीगे हुए मन को कभी परवाज़ दीजिए , कभी ख़यालो के अंजुमन में यूँ ही घूमिए। सावन की पहली सुबह। सावन की पहली सुबह। #सावन…