जिंदगी तू इम्तेहाँ ले मुस्कुराती है !


Aparichita

Thoughts • Stories • Inner Reflections

जहाँ शब्द आत्मा से मिलते हैं

जिंदगी के इम्तिहान

  • इम्तिहानों ने ही जीना सिखाया | Hindi Motivational Poem


  • जिंदगी कभी आसान नहीं होती।
    हर व्यक्ति अपने हिस्से के संघर्ष, ठोकरें और इम्तिहान लेकर चलता है।
    लेकिन कई बार वही कठिन दौर हमें भीतर से मजबूत भी बना देते हैं।

    यह कविता जिंदगी से शिकायत नहीं करती…
    बल्कि उसके इम्तिहानों में छिपे सबकों को समझने की कोशिश करती है।

    जिंदगी के इम्तिहान

    — Aparichita

    जिंदगी, तू इम्तिहान ले मुस्कुराती है,
    पर तेरी यही मुस्कुराहट
    मेरी जिंदगी की नई वजह बन जाती है।

    हर दिन तू
    एक नया सवाल सजाकर पेश करती है।
    देख, मैं कई बार हारती हूँ…
    लेकिन सुन—
    मुझे तेरी चुनौतियों में ही मज़ा आता है।

    पर तू शायद भूल जाती है
    कि आखिर कितना लड़ पाएगी मुझसे?

    जिस दिन मेरी डोर छूट जाएगी तुझसे,
    तब क्या करेगी तू?
    क्या तब भी
    इतना ही हँस पाएगी मुझ पर?

    पर सच कहूँ—
    तेरे इम्तिहानों ने ही
    जीना सिखाया है मुझे।

    तेरी जिद ने ही
    ग़म के बाद मुस्कुराना सिखाया,
    और तेरी ठोकरों ने
    खुशी और दर्द—
    दोनों से रूबरू कराया।

    ग़म के बाद मिलने वाली खुशी का मोल
    तूने ही समझाया है मुझे।

    ऐ जिंदगी, शुक्रिया तेरा…
    कि तूने रहम भी बरसाए
    और सबक भी दिए।

    सोचती हूँ—
    अगर तेरे इम्तिहान न होते,
    तो क्या मैं
    इतना समझ पाती तुझे?

    जितनी बार
    तेरे इम्तिहानों ने गिराया,
    उतनी ही बार
    मेरे हौसलों ने उठाया मुझे।

    पर ये हौसले भी
    आखिर तूने ही तो दिए थे।

    अगर ठोकरें न होतीं,
    तो चलना कौन सिखाता मुझे?

    जिंदगी, तू इम्तिहान ले मुस्कुराती है…
    पर तेरे इम्तिहानों ने ही
    जीना सिखाया है मुझे।


    About the Author

    I Shikha, writes on Aparichita to explore life, emotions, spirituality, and quiet reflections of the soul. My words often come from small moments of life — a silent evening, a sky full of stars, or a thought that refuses to stay unspoken.




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