Tamashai_तमाशाई_quotes_कविता

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Tamashai,तमाशाई

मेरा दिल है या असमसान !
कोई न कोई आकर मेरे जज्बातों को
दफ़न कर जाता है ।
अरमानों की नई कब्र,
और तमाशाई भी मैं।
रिस्ते मेरे जहन में कम
और काँधों पर ज़्यादा है।












✍️Shikha Bhardwaj❣️

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