Inspirational Poetry

रिवाजो के नाम पर, जिन्दों को दफनाते देखा है।

कुछ रिवाज़ शरीर को नहीं, आत्मा को कैद कर देते हैं। रिवाजो  के नाम पर, जिन्दों को दफनाते देखा है। Blog Introduction कभी-कभी किसी व्यक्ति की मृत्यु केवल एक जीवन नहीं छीनती, बल्कि उसके साथ कि…

ये जो ठोकर लगी… | हौसलों, संघर्ष और नई उड़ान की कविता

ठोकर और संघर्ष के बाद फिर उठने के हौसले पर लिखी भावपूर्ण हिंदी कविता—“ये जो ठोकर लगी…” ये जो ठोकर लगी… | हौसलों, संघर्ष और नई उड़ान की कविता कुछ ठोकरें हमें गिराने के लिए नहीं, बल्कि यह बता…

शाम की आग़ोश में: तन्हाई, दर्द और भीतर छुपी खुशियों की कविता

शाम की आग़ोश में: तन्हाई, दर्द और भीतर छुपी खुशियों की कविता शाम होते ही वातावरण में एक अजीब-सी ख़ामोशी उतर आती है। दिनभर की भागदौड़ थमने लगती है, आसमान धीरे-धीरे अँधेरे की चादर ओढ़ने लगता …

किस नशे में चूर थी मैं? | अहंकार, सपनों और जिंदगी की हकीकत पर एक भावपूर्ण कविता

“आसमान का टुकड़ा नहीं, पूरा आसमान चाहती थी मैं…” किस नशे में चूर थी मैं? | अहंकार, सपनों और जिंदगी की हकीकत पर एक भावपूर्ण कविता किस नशे में चूर थी मैं? — एक आत्ममंथन भरी कविता भूमिका कभ…

रूठी-रूठी सी कहानी हमारी: एक टूटे तारे से मुलाकात

टूटना अंत नहीं होता, क्योंकि उम्मीद की टिमटिमाहट अभी बाकी है। ✨⭐ रूठी-रूठी सी कहानी हमारी: एक टूटे तारे से मुलाकात लेखिका: Shikha Bhardwaj

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