ख़ुशबू तेरी ![]() |
| ख़ुशबू तेरी, quotes, शायरी, परीचित अल्फ़ाज़ ख़ुशबू तेरी |
ख़ुशबू तेरी
अब भी फिज़ाओ में के
फैली है इस कदर,
कि अब भी मुझे तुझसे मिला जाती है।
और मैं, मैं और तुम से हम हो जाती हूँ।
|
✍️Upeksha❣️ |
Tags
quotes शायरी
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ख़ुशबू तेरी
अब भी फिज़ाओ में के
फैली है इस कदर,
कि अब भी मुझे तुझसे मिला जाती है।
और मैं, मैं और तुम से हम हो जाती हूँ।
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