sad shayri

किससे कहूं, क्या कहूं, कैसे कहूं?|| kisase kahun kya kahun kaise kahun

किससे कहूं? किससे कहूं, क्या कहूं, कैसे कहूं?|| kisase kahun kya kahun kaise kahun किससे कहूं? चीखती-चिल्लाती रातों की बातें, कान चीरती ख़ामोशी की बातें, सिसकती-सुलगती, जागती आँखों की बाते…

ये कैसी ख़ामोशी है?

ये कैसी ख़ामोशी है? Ye kaisi khamoshi hai? ये कैसी ख़ामोशी है? ये कैसी ख़ामोशी है? बस शोर किए जा रही है। हर पल हर जगह। उन यादों से उन लम्हों से... जितना ही भागती हूं.... बस मुझे कैद किए ज…

इस दौर-ए-जहाँ में, जहां देखो परिचित भीड़ बहुत है।

इस दौर-ए-जहाँ में,  जहां देखो परिचित भीड़ बहुत है। Is-daur-a-jahan-me-jahaan-dekho-parichit-bhid-bahut-hai. इस दौर-ए-जहाँ में,  जहां देखो परिचित भीड़ बहुत है।  इस दौर-ए-जहाँ में,  जहां देखो प…

रूह से कब जुदा थे तुम!!

रूह से कब जुदा थे तुम!! Rooh se kab juda the tum!!! रूह से कब जुदा थे तुम!! Vajood (you tube video )  वज़ूद भले अलग रहा हमारा.... रूह से कब जुदा थे तुम !!!! पर अब जब बाते होती है..... यूँ लग…

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