Ujaale,उजाले,कविता,quotes,अपरिचिता से परिचित तक का सफ़र
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| Ujaale,उजाले,कविता,quotes,अपरिचिता से परिचित तक का सफ़र |
ujaale ki kisi aur se ,
kya ummid rakhun shaaki,
roshni ke naam pr
ghr jalaane waale...
mere apne hi the.
ek jugnu si
law ki khwahish thi,
unhone to
angaar ka ambaar
khada kr diya.
उजाले की किसी और से
क्या उम्मीद रखूं शाकि....,
रोशनी के नाम पर...
घर जलाने वाले मेरे अपने ही थे।
एक जुगनू सी लौ की ख़्वाहिश थी।
उन्होंने तो....
अंगार का अम्बार खड़ा कर दिया।
Ujaale,उजाले,कविता,quotes,अपरिचिता से परिचित तक का सफ़र, रोज नई कोशिश, रोज नई सिख, ये जिंदगी से बड़ा बेहतर पाठशाला कोई नही, उम्मीद है आपलोगो को ये quote पसंद आए।
✍️Shikha Bhardwaj ❣️
