आख़िर क्यों है, हरा रंग सबकी पसंद?और जाने इसका महत्व।
हरे रंग की बात हो रही है, तो मैं इसकी सुरुआत कविता से करूँगी।
हरे रंग की सावन हरियाली।
प्रकृति की सारी रंग निराली
चाहे अम्बर पर सूरज की लाली।
या हरे रंग की सावन हरियाली।
माँ शेरोवाली के हाथों में भी देखी चूड़ी,
सुन्दर-सुन्दर, लाल और हरी वाली।
बात हो रही जब रंगों की,
तो मन के भाव भी फबती बस हरी वाली।
अगर हरा है मन,
तभी तो बटेगी ख़ुशी निराली।
अबकी नवरात्रि भी तो आई, बरसातों वाली।
हरा है खेत, हरा किसानों का मन मृग।
जिसके आँगन मे भी ख़ुशी है जगराते वाली।
माँ ब्रह्मचारिणी की कृपा बनी रहे,
सबको दे आशीर्वाद शुख समृद्धि वाली।
बात रंगों की चली है, और हमारी संस्कृति में हर रंग का अपना एक महत्व और उसका वजूद है।
और आज बात करेंगे, हरे रंग की, जिसका प्राकृतिक वज़ूद तो है, साथ मे सबकी पसंद भी है।
हरा रंग खुशहाली, संपन्नता और सावन का प्रतीक है। हरा रंग, में आते ही, याद आती है, गोरी कलाई, श्रावण मास की हरियाली, किसानों के चेहरे पर खुशहाली।
आख़िर क्यों है, हरा रंग सबकी पसंद और इसका इतना महत्व ?
हरे रंग की बात हो, और श्रावण मास का जिक्र न हो, ये तो हो नही सकता न! क्योंकि श्रावण मास वर्षा ऋतु का मास है जिस कारण उस महीने में चारों तरफ हरियाली ही हरियाली छाई रहती है। हरा रंग सुहाग और संपन्नता का प्रतीक भी माना जाता है, क्योंकि कई धार्मिक रिति-रिवाजों में हरे रंग के बिना कई शुभ कार्य अधूरे माने जाते हैं।
श्रावण मास में प्रकृति खुद को हरे रंग में रंग लेती है, और उस पर रंग-बिरंगे फूलो की बहार, मन मे एक बार ये सवाल तो जरूर आता है कि अगर स्वर्ग की खूबसूरती होगी, तो ऐसी ही होगी। किसानों का मन मोहने वाला भी यही हरा रंग ही होता है। जितनी हरियाली खेतों-खलिहानों में होती है, उतनी ही हरियाली किसानों के मन मे भी होती है।
हरा रंग सिर्फ देखने में नही, बल्कि मन को शांति और शीतलता का एहसास भी कराता है। यह रंग सुख-शांति और स्फूर्ति देने वाला होता है। जहां हरे रंग का प्रभाव आपके मन और बुद्धि पर अलग-अलग तरह से पड़ता है, वहीं फेंगशुई के अनुसार हरे रंग को बुद्धि का प्रतीक भी माना गया है और इसका सेहत पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है।
हरे रंग को देखकर मन प्रसन्न होता है और प्रसन्न मन सकारात्मका को बढ़ावा देता है। सकारात्मक ऊर्जा उतना ही कल्याणकारी है, जितना परिश्रम से किया गया कार्य। तो ये कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि हरा रंग तनाव दूर करके डिप्रेशन से बचाने में मदद करता है।
हरा रंग आंखों को भी सुकून देता है, आप सुबह-सुबह हरे घास पर वाक कीजिए, देखिए, की आपके आँखों के लिए कितना फायदेमंद सावित होता है। प्रकृति खुद भी तो हरे रंग की ही होती है, और यह जीवन का संदेश देती है। हरा रंग बीमार व्यक्तियों के लिए जीवनदायी औषधि जैसा काम करता है। फेंगशुई में इसे विकास, स्वास्थ्य और सौभाग्य का भी प्रतीक माना जाता है।
आप एक ही काम को बंद कमरे में करके देखे, और उसी काम को हरियाली में प्रकृति के बीच करके देखे, हरे रंगों की प्राकृतिक माहौल में काम करने से व्यक्ति की रचनात्मकता में बढ़ोतरी होती है। घर में आराम करने, शयन करने और सुकून के पल बिताने के स्थानों पर हरे रंग का इस्तेमाल, आपके पलों को सुखदायी बना देता है। इसके लिए इनडोर प्लांट लगाना काफी कारगर उपाय है।
हरा रंग बीमार व्यक्तियों को भी जल्द ठीक करने में मदद करता है। मरीज अगर डिप्रेशन का शिकार हैं तो, डॉक्टर उन्हें प्राकृतिक जगह जैसे हरियाली से भरे पहाड़ो पर ले जाने की सलाह देते हैं। यह ब्लडप्रेशर को सामान्य रखने के साथ ही मानसिक शांति देता है, जिससे दिमाग संबंधित कई बीमारियों में राहत मिलती है। हरा रंग धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ अन्य कई तरह से भी हमारे जीवन को खुशहाल और सुखमयी तथा संपन्न बनाता है। हरा रंग अधिकतर लोगों को पसंद आता हैं, क्योंकि यह रंग मनुष्य को प्रकृति के करीब ले जाता है।
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