शारदिय नवरात्रि 2022 के आज तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा
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शारदिय नवरात्रि 2022 के आज तीसरे दिन मां चंद्रघंटा पूजा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता ने अपने माथे को अर्धचंद्र से सजाया था, इसलिए उनका नाम चन्द्रघण्टा पड़ा।
नवरात्रि के तीसरे दिन माता चन्द्रघण्टा की पूजा का विधान है, इसलिए सर्वप्रथम जल्दी उठकर स्नानादि करने के पश्चात पूजा स्थान पर गंगाजल छिड़कें। फिर माता चंद्रघंटा के समक्ष दीपक प्रज्वलित कर माता रानी को अक्षत, सिंदूर, पुष्प आदि चीजें अर्पित कर उनका ध्यान करे।
माता चन्द्रघण्टा को प्रसाद रूप में फल और केसर-दूध से बनी मिठाइयों या खीर का भोग लगान चाहिए। माँ चन्द्रघण्टा की स्तुति, श्लोक आदि पढ़कर, माता चंद्रघंटा की आरती करें। पूजा के पश्चात किसी भी गलती के लिए क्षमा याचना करें।
माता चंद्रघंटा का भोग और प्रिय रंग :--
माँ चंद्रघंटा की पूजा के समय सफेद, भूरा या स्वर्ण रंग का वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। इसके साथ भक्त इस दिन दूध से बने मिष्ठान का भोग लगा सकते हैं। मान्यता है कि माता को शहद भी प्रिय है।
लेकिन सबसे बड़ी बात कि माँ चन्द्रघण्टा बड़ी दयालु हैं, उन्हें भाव, सच्चे दिल से आप जो अर्पण करें, माता खुश होती हैं, और भक्तों पर खुशियां ही बरसाती है।
शारदिय नवरात्रि के इस पावन अवसर पर पूरा परिवार मिलकर देवी की आराधना करें, और शुख समृद्धि का प्रसाद पाए।
शारदिय नवरात्रि 2022 के आज तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा
