तुम्हारे_पहलू _में_कविता_शायरी

 तुम्हारे पहलू में ,कविता, शायरी, कुछ चाहत के अल्फ़ाज़।  






तुम्हारे पहलू में ,कविता, शायरी, कुछ चाहत के अल्फ़ाज़।


तुम्हारे पहलू में।

  
       ज़ुस्तज़ू तो बस इतनी सी थी,ख़यालो में ही सही,

तुम्हारे पहलू में कुछ वक्त हम भी बिताते।


रख के सर वक्त की आग़ोश में ,

उन अनमोल छणों का लुत्फ़ हम भी उठाते।

कर लेते कुछ हाले बयां अपना - अपना,

कुछ तुम सुनाते, कुछ मेरी सुन लेते।

सारी आधी-अधूरी बाते, पूरी कर लेते।


ज़ुस्तज़ू तो बस इतनी सी थी, ख़यालो में ही सही,

तुम्हारे पहलू में कुछ वक्त हम भी बिताते।


दूर होकर भी हमारे एहसास थे, करीब,

जैसे साँसों का धड़कनों से हो रावता।

ये भी वक्त ही था, मेरे बिन अधूरा तेरा हर ख़्वाब था।

ये भी वक्त की ही बात है कि,

हम भी वहीं, तुम भी वहीं, दरम्यां दूरियां भी वहीं।

अब कुछ नही है तो, तुम्हारा वो वक्त नही है।


ज़ुस्तज़ू तो बस इतनी सी थी,ख़यालो में ही सही,

तुम्हारे पहलू में कुछ वक्त हम भी बिताते।



   ✍️ Upeksha❣️

Shikha Bhardwaj

Hi, I'm Shikha. I help English learners improve vocabulary, grammar, speaking confidence, and communication skills through practical lessons and real-life examples.

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