बेहतर है जिंदगी के कुछ पन्ने फारे जाए... जलाकर उनकी अलाव हाथ ग़मों के सेके जाएं।

बेहतर है जिंदगी के कुछ पन्ने फारे जाए...
जलाकर उनकी अलाव हाथ ग़मों के सेके जाएं।




बेहतर है जिंदगी के कुछ पन्ने फारे जाए...
जलाकर उनकी अलाव हाथ ग़मों के सेके जाएं।

 

बेहतर है जिंदगी के कुछ पन्ने फारे जाए...

जलाकर उनकी अलाव हाथ ग़मों के सेके जाएं।



 बेहतर है जिंदगी के कुछ पन्ने फारे जाए...

जलाकर उनकी अलाव हाथ ग़मों के सेके जाएं।

क्यूँ न फिर उम्मीद के कुछ पौधे बोए जाएं।

बीते कल की बारिशों में क्यूँ भीगना...?

बेहतर है..... 

आने वाले कल के नए आशियाने बनाए जाएं।


बेहतर है जिंदगी के कुछ पन्ने फारे जाए...

जलाकर उनकी अलाव हाथ ग़मों के सेके जाएं।



बैशाखियों पर नही चलती जिंदगी...

ख़ुद के कंधों को ही मजबूती के जद्द दिए जाएं।

शुखो के बहुत रहनुमा है हमारे....

ग़मों में क्यों न खुद को ही रहबर किये जाएं।


बेहतर है जिंदगी के कुछ पन्ने फारे जाए...

जलाकर उनकी अलाव हाथ ग़मों के सेके जाएं।



बातों के शुभचिंतक कम नही हमारे....

एहसास ये हमे भी हो रहा अभी......

थोड़े ही सही, पर ये फ़लसफ़े भी सिख लिए जाएं।

देखा है, परिंदों के तो रोज़ ही बसेरे उजड़ते है,

फिर नया बनाना भी कहाँ छोड़ते हैं?

हम तो इंसान है, ये कभी भी न भुला जाएं।


बेहतर है जिंदगी के कुछ पन्ने फारे जाए...

जलाकर उनकी अलाव हाथ ग़मों के सेके जाएं।



चलो नए सूरज संग मिलकर..... 

नई उम्मीद जगाया जाए।

मिलोगी जिन्दगी कभी न कभी किसी मोड़ पर,

बस ये आस दिलों में जगाया जाएं।

बेहतर है जिंदगी के कुछ पन्ने फारे जाएं...

जलाकर उनकी अलाव हाथ ग़मों के सेके जाएं।


#जिंदगी_के_कुछ_पन्ने_फारे_जाए_जलाकर_उनकी_अलाव_हाथ_ग़मों_के_सेके_जाएं।


✍️Shikha_Bhardwaj_❣️




Post a Comment

If you have any doubt, please let me know.

Previous Post Next Post