जान तुम्हारी बांकी है अभी,quotes.
 |
जान तुम्हारी बांकी है अभी,quotes, शायरी, परीचित से एहसास
जान तुम्हारी बांकी है अभी,quotes
मुझे दफ़नाकर शौख बदल लिए हैं उसने
कि साथ कुर्वत मे नई जानशीं लाना शुरू किया है उसने,
हर रोज साथ उसके, एक ग़ुलाब
भेंट करना सुरु किया है उसने।
जैसे कह रहा हो, जान तुम्हारी बाक़ी है अभी,
क़ब्र में भी जान जलाएं जा सकते हैं,
यकीं दिलाना सुरु किया है उसने।
|
✍️Shikha Bhardwaj❣️