ज़िन्दगी की किताब।(poetry collection)
1* रिस्ता, तेरे और मेरे मन का।
Rista tere aur mere mn ka(you tube video)
रिस्ता, तेरे और मेरे मन का।
दिन और रात हो जैसे।
कभी मुक़म्मल मिलना भी नही,
कभी जुदा हुए भी नही।
रिस्ता, तेरे और मेरे मन का।
नदी के दो तीर हो जैसे।
तुझसंग बात बनती नही,
तुझबिन कोई बात होती नही।
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रिस्ता, तेरे और मेरे मन का।
रिस्ता, तेरे और मेरे मन का।
और क्या कहे भला!
दरम्यां जब खमोशियाँ घर करती है,
फिर उसकी शोर शहर सहती है।
जुबाँ ख़ामोश, आँखे नम होती है।
रिस्ता, तेरे और मेरे मन का।
2* ज़िन्दगी की किताब।
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ज़िन्दगी की किताब।ज़िन्दगी की किताब।तुम्हारी यादों के सहारे, वक्त-वे-वक्त, ईशारे में ही सही, उसे ज़ल्दी में ही पढ़ लोगे? Tum vo kitab padhne aaoge n? (You Tube video) जाने किस बात की हड़बड़ी थी! बहुत कुछ अनसुलझा सा है, #ज़िन्दगी_की_किताब, #Zindagi-ki-kitab-100-and-above-shayri-collection #quotes,#शायरी,#कविता, #अपरिचिता,#अभिव्यक्ति, #abhivyakti,#Hindi_poetry, #you_tube_Video. |


Very beautiful
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