Lamhe,लम्हें, quotes, शायरी।
Lamhe,लम्हें, quotes, शायरी।
Lamhe,लम्हें।
तू तो लम्हो में बीत गया,
मगर ये साँस है कि थमती नही।
कहाँ पता था, हमारा साथ कम...
फासलों का रिश्ता ज्यादा होगा।
पर वो तो हो गया.....
तू नही, तेरी यादों की तार...
मुझे जकड़े रखी है।
जैसे हर लम्हों को अपनी मुट्ठी में
कैद किए रखी है।
तेरी ज़रूरत तो थी मुझे,
पर इतना थी.........!
वक्त तू कुछ अकड़ कम कर लेता..
कुछ कदम जो पीछे हट लेता,
मैं भी उन लम्हों की मरम्मत कर लेती,
बना जो फ़ासला दरम्यां है...
उन वजहों की तुरपाई,
उन लम्हों में ही कर लेती।
तू तो लम्हो में बीत गया,
मगर ये साँस है कि थमती नही।
✍️Shikha Bhardwaj❣️
