मन के मौसम

तुम्हारी ही बातें होंगी | यादों, प्रेम और अधूरे एहसासों पर एक भावपूर्ण हिंदी कविता

तुम्हारी ही बातें होंगी | यादों, प्रेम और अधूरे एहसासों पर एक भावपूर्ण हिंदी कविता तुम्हारी ही बातें होंगी जब कोई व्यक्ति साथ नहीं रहता, तब उसकी यादें हमारे जीवन का हिस्सा बन जाती हैं... कु…

क्यूँ ख़ुशियों से मेरी बनती नही- Hindi Poetry

क्यूँ ख़ुशियों से मेरी बनती नही.... प्यार किस्सों में सुना है। हाँ! मुस्कुराहटों का नक़ाब बेमिसाल ओढ़ते हैं। लफ्ज़ो-गमों की पूरी किताब है हम। मीले गर नजर कोई जो पढ़ सके मुझे, सफ़र जिंदगी के …

ज़िन्दगी की किताब: रिश्ता, तेरे और मेरे मन का | हिंदी कविता

कुछ रिश्ते अधूरे होकर भी पूरी ज़िन्दगी में लिखे रहते हैं। ज़िन्दगी की किताब: रिश्ता, तेरे और मेरे मन का | हिंदी कविता कुछ रिश्ते अधूरे होकर भी पूरी ज़िन्दगी में लिखे रहते हैं… कभी-कभी ज़िन्…

आ ज़िंदगी, मैं बस कर लूँ तुमसे मुलाक़ात | हिंदी कविता

आ ज़िंदगी, मैं बस कर लूँ तुमसे मुलाक़ात — एक भावुक हिंदी कविता कभी-कभी दूसरों को खुश रखते-रखते हम खुद से ही दूर हो जाते हैं। फिर एक रात ऐसी आती है, जब हम दुनिया के शोर से दूर बैठकर अपनी ज़ि…

ये जो ठोकर लगी… | हौसलों, संघर्ष और नई उड़ान की कविता

ठोकर और संघर्ष के बाद फिर उठने के हौसले पर लिखी भावपूर्ण हिंदी कविता—“ये जो ठोकर लगी…” ये जो ठोकर लगी… | हौसलों, संघर्ष और नई उड़ान की कविता कुछ ठोकरें हमें गिराने के लिए नहीं, बल्कि यह बता…

आँखों के बरामदे बैठी रात | एक रात, तन्हाई और अधूरी बातों की कविता

कुछ रातें नींद नहीं लातीं… वे हमारे पास बैठकर हमारी खामोशी सुनती हैं। आँखों के बरामदे बैठी रात | एक रात, तन्हाई और अधूरी बातों की कविता 🌙 आँखों के बरामदे बैठी रात कुछ रातें सिर्फ रात नहीं…

शून्य अंतर्मन: भीड़ में अकेला इंसान और बदलते रिश्तों की सच्चाई.

खालीपन, द्वंद्व और सवाल को शब्द देने की एक कोशिश — “शून्य अंतर्मन" शून्य अंतर्मन: क्या भीड़ में रहते हुए भी हम अकेले हो गए हैं? आज हमारे पास पहले से कहीं अधिक सुविधाएँ हैं। हाथ में स्…

तुम क्या थे जिंदगी में, कि वहम बहुत था।

तुम क्या थे! जिंदगी में कि वहम बहुत था।   तुम क्या थे! जिंदगी में कि वहम बहुत था।    तुम क्या थे जिंदगी में, कि वहम बहुत था। हर एक चेहरे में वफ़ा का नूर बहुत था। आईना तो तब दिखा है, जब साथ त…

ये इश्क़ की गलियाँ: बदलते शहर में बचपन की धुंधली यादें

कुछ गलियाँ बदल जाती हैं, लेकिन उनसे जुड़ी यादें कभी नहीं बदलतीं। ये इश्क़ की गलियाँ: बदलते शहर में बचपन की धुंधली यादें कभी-कभी हम किसी अनजान रास्ते से गुजरते हैं और अचानक लगता है— अरे, यह …

हमारा कल: धूल भरी यादों में मिला एक खूबसूरत सपना | हिंदी कविता

पुराने ख़्वाबों और धूल भरी यादों के बीच “हमारा कल” को फिर से खोजने की भावपूर्ण कहानी और हिंदी कविता। हमारा कल: धूल भरी यादों में मिला एक खूबसूरत सपना कुछ चीज़ें हम खोते नहीं हैं... बस उन्हे…

शाम की आग़ोश में: तन्हाई, दर्द और भीतर छुपी खुशियों की कविता

शाम की आग़ोश में: तन्हाई, दर्द और भीतर छुपी खुशियों की कविता शाम होते ही वातावरण में एक अजीब-सी ख़ामोशी उतर आती है। दिनभर की भागदौड़ थमने लगती है, आसमान धीरे-धीरे अँधेरे की चादर ओढ़ने लगता …

तुम्हारे पहलू में — अधूरे लम्हों और अनकहे एहसासों की एक खूबसूरत कविता

“ ज़ुस्तज़ू तो बस इतनी-सी थी… ख़यालों में ही सही, तुम्हारे पहलू में कुछ वक़्त हम भी बिताते।” तुम्हारे पहलू में — अधूरे लम्हों और अनकहे एहसासों की एक खूबसूरत कविता ज़ुस्तज़ू तो बस इतनी-सी थी…

किस नशे में चूर थी मैं? | अहंकार, सपनों और जिंदगी की हकीकत पर एक भावपूर्ण कविता

“आसमान का टुकड़ा नहीं, पूरा आसमान चाहती थी मैं…” किस नशे में चूर थी मैं? | अहंकार, सपनों और जिंदगी की हकीकत पर एक भावपूर्ण कविता किस नशे में चूर थी मैं? — एक आत्ममंथन भरी कविता भूमिका कभ…

समंदर की अनकही कहानी | एक भावपूर्ण हिंदी कविता

समंदर की एक अनकही कहानी हर पूर्णिमा जिसे याद दिला जाती है... समंदर की एक अनकही कहानी जाने कैसी कहानी है इस समंदर की भी... कभी अपनी रवानी से हर दिल को दीवाना बनाता है, उछलती-कूदती लहरों के स…

बातों-बातों में जब बात तुम्हारी होती है | हिंदी प्रेम कविता

बातों-बातों में जब बात तुम्हारी होती है | हिंदी प्रेम कविता 🌸 जब हर बात में किसी एक का नाम शामिल हो जाता है कभी-कभी हमारी ज़िंदगी में कोई ऐसा इंसान होता है, जिसके बारे में सोचने के लिए किस…

जाने ज़िंदगी के कैसे-कैसे अफ़साने — ऋतुओं से रिश्तों तक जीवन की अनकही कहानी

मानवीय स्वभाव और रिश्तों की कड़वी सच्चाई जाने ज़िंदगी के कैसे-कैसे अफ़साने — ऋतुओं से रिश्तों तक जीवन की अनकही कहानी जीवन कभी सावन की हरियाली है, कभी पूस की ठिठुरन। कभी वसंत की मुस्कान, तो …

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