Showing posts from 2022

जाती हुई दिसम्बर..... और आती हुई जनवरी की धुँध संग...

जाती हुई दिसम्बर.....  और आती हुई जनवरी की धुँध संग... जाती हुई दिसम्बर.....  और आती हुई जनवरी की धुँध संग... Ise bhi dekhen:--- Jaati hui december aur aati hui january ki dhundh me जाती हु…

हम अपने ही घर मे, अपनी पहचान ढूंढ़ते हैं।

हम अपने ही घर मे,  अपनी पहचान ढूंढ़ते हैं। हम अपने ही घर मे,  अपनी पहचान ढूंढ़ते हैं। इसे भी देखें:-- हम अपने ही घर में..अपनी पहचान ढूंढते हैं.(you tube video)  अपनी पहचान ढूंढ़ते हैं। इस जमी …

शायर_shayar

शायर_shayar Shayar_शायर इसे भी देखें:-- तुम्हे शायर बनना है! (you tube video) तुम्हें शायर बनना है ? तो पहले ईश्क की दरिया में.... डुबकी लगाओ। और फिर बस डूब जाओ.... तुम्हारे पास दिमाग है, …

माना तुम्हारी हर बात सही है..."हास्य व्यंग्य"Mana tumhari har baat sahi hai"hasy vyangy

माना तुम्हारी हर बात सही है... हास्य व्यंग्य माना तुम्हारी हर बात सही है... हास्य व्यंग्य Ise bhi dekhen:--- माना तुम्हारी हर बात सही है...(you tube video)  माना तुम्हारी हर बात सही है... ल…

चलो आज इस धुँध में ही कुछ ख़्वाहिश ढूंढ लेते हैं-chalo aaj is dhundh me hi kuch khwahishen dhundh lete hain.

चलो आज इस धुँध में ही,  कुछ ख़्वाहिश ढूंढ लेते हैं..... चलो आज इस धुँध में ही,  कुछ ख़्वाहिश ढूंढ लेते हैं..... कुछ प्रीत के अलाव जलाते है,  कुछ बिखरे रीत की माला पिरोते हैं। कुछ बुझे से चेह…

कैसे ये मैं कह दूं.... कि कोई गम नही-kaise mai kah doon ki koi gam nhi.

कैसे ये मैं कह दूं.... कि कोई गम नही.... कैसे ये मैं कह दूं.... कि कोई गम नही.... कैसे ये मैं कह दूं.... कि कोई गम नही.... गम तो जैसे पूरक है मेरी। दिन और रात के जैसी। जैसे तमस हटते ही,…

अश्क़ और हम-ashk aur ham

अश्क़ और हम-ashk aur ham अश्क़ और हम-ashk aur ham  "अश्क़ " के कुछ अलग ही नाज़ है... गम में तो आती है... ख़ुशी में भी कहाँ बाज़ आती है! बेवज़ह.. बिन बुलाए... बस आंखों से रिसती रहती है। I…

खामोशी पर लिखी उम्दा शायरी संग्रह-khamoshi pr likhi umda shayri sangrah

खामोशी पर लिखी उम्दा शायरी संग्रह-khamoshi pr likhi umda shayri sangrah खामोशी-khamoshi 1* ख़ामोशी इसे भी देखें:-– खामोशी_khamoshi(you tube video) जुबा खामोश, धड़कनों में हलचल सी है। ये किसकी…

एक खत-ek khat

एक खत-ek khat एक खत-ek khat ise bhi dekhe:-- एक खत-ek khat(video)  व्हाट्सएप और मैसेज के जमाने मे..... एक खत तुम मुझे लिखना। लिखना हर वो बात.... जो जुबा से तुम कभी कह नही पाए। कुछ बातें होत…

मैं ऐसी ही हूँ-Mai aisi hi hoon.

मैं ऐसी ही हूँ। Mai aisi hi hoon. मैं ऐसी ही हूँ- Mai aisi hi hoon. Ise bhi dekhe:-- Mai aisi hi hoon_मैं ऐसी ही हूँ।(Video) मैं ऐसी ही हूँ, मुझे समझने की भूल न कर। कहीं न कहीं....  तुम्ह…

कच्चे धागों के कच्चे बंधन-kacche dhago ke kacche bandhan

कच्चे धागों के कच्चे बंधन-kacche dhago ke kacche bandhan कच्चे धागों के कच्चे बंधन (Video_वीडीओ) कच्चे धागों के कच्चे बंधन-kacche dhago ke kacche bandhan कच्चे धागों के कच्चे बंधन-kacche …

एक दिन ख्वाब में....Ek din khwab me....

शीर्षक:-- एक दिन ख्वाब में.... एक दिन ख्वाब में....Ek din khwab me....(video) एक दिन ख्वाब में.... कुछ धुंधली-धुंधली सी तस्वीर.... जहन में आकर बैठी है। वही कशिश आज मैं कागज़ पर उतारने बैठी …

मैं हूँ, न होने के लिए-Mai hoon, n hone ke lie.

मैं हूँ, न होने के लिए। Mai hoon, n hone ke lie. मैं हूँ, न होने के लिए-Mai hoon, n hone ke lie. मैं हूँ, एक दिन न होने के लिए। मेरा जिश्म, मेरा वज़ूद है..... बस ख़तम होने के लिए। कुछ अल्फ़ाज़…

अलविदा कह गया कोई-Alvida kah gaya koi

अलविदा कह गया कोई        Alvida kah gaya koi Alvida kah gaya koi                                 अलविदा कह गया कोई                                        अलविदा कह गया कोई, ज़िन्…

क्यूँ रोज़ाना चाँद मेरी खिड़की पर चला आता...,कविता।

क्यूँ रोज़ाना चाँद मेरी खिड़की पर चला आता... क्यूँ रोज़ाना चाँद मेरी खिड़की पर चला आता... क्यूँ रोज़ाना चाँद मेरी खिड़की पर चला आता...   न जाने क्यूँ........? रोज़ाना चाँद मेरी खिड़की पर चला आता है…

जिंदगी-jindagi

करीब से देखो ज़िन्दगी को... जिंदगी हर कदम.... करीब से देखो ज़िन्दगी को... जिंदगी हर कदम.... करीब से देखो ज़िन्दगी को... जिंदगी हर कदम.... नए सफर, नई सीख, नई उमंगों का सवेरा है। तो कभी ज़िन्दगी.…

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